URD भजन संहिता अध्याय 93

भजन संहिता 93

1़ुदावन्द सलतनत करता है वह शौकत से मुलब्बस है 2तेरा तख़्त पहले से क़ाईम है, तू इब्तिदा से है। 3सैलाबों ने, ऐ ख़ुदावन्द! 4बहरों की आवाज़ से, 5तेरी शहादतें बिल्कुल सच्ची हैं;

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