URD भजन संहिता अध्याय 123

भजन संहिता 123

1ू जो आसमान पर तख़्तनशीन है, 2देख, जिस तरह गुलामों की आँखेंअपने आका के हाथ की तरफ़, 3हम पर रहम कर! ऐ ख़ुदावन्द, हम पर रहम कर, 4आसूदा हालों के तमसख़ुर,

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