भजन संहिता 15
1ऐ ख़ुदावन्द तेरे ख़ेमे में कौन रहेगा? 2वह जो रास्ती से चलता और सदाक़त का काम करता, 3वह जो अपनी ज़बान से बुहतान नहीं बांधता, 4वह जिसकी नज़र में रज़ील आदमी हक़ीर है, 5वह जो अपना रुपया सूद पर नहीं देता,
1ऐ ख़ुदावन्द तेरे ख़ेमे में कौन रहेगा? 2वह जो रास्ती से चलता और सदाक़त का काम करता, 3वह जो अपनी ज़बान से बुहतान नहीं बांधता, 4वह जिसकी नज़र में रज़ील आदमी हक़ीर है, 5वह जो अपना रुपया सूद पर नहीं देता,