URD भजन संहिता अध्याय 141

भजन संहिता 141

1 ख़ुदावन्द! मैने तेरी दुहाई दी मेरी तरफ़ जल्द आ! 2मेरी दुआ तेरे सामने ख़ुशबू की तरह हो, 3ऐ ख़ुदावन्द! मेरे मुँह पर पहरा बिठा; 4मेरे दिल को किसी बुरी बात की तरफ़ माइल न होने दे; 5सादिक़ मुझे मारे तो मेहरबानी होगी, 6उनके हाकिम चट्टान के किनारों पर से गिरा दिए गए हैं, 7जैसे कोई हल चलाकर ज़मीन को तोड़ता है, 8क्यूँकि ऐ मालिक ख़ुदावन्द! मेरी आँखें तेरी तरफ़ हैं; 9मुझे उस फंदे से जो उन्होंने मेरे लिए लगाया है, 10शरीर आप अपने जाल में फंसें,

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