HCV भजन संहिता अध्याय 150

भजन संहिता 150

1ाहवेह का स्तवन हो. 2उनके अद्भुत कार्यों के लिए उनका स्तवन हो; 3तुरही के साथ उनका स्तवन हो, 4खंजरी और नृत्य के साथ उनका स्तवन हो, 5झांझ की ध्वनि की संगत पर उनका स्तवन हो, 6हर एक प्राणी, जिसमें जीवन का श्वास है, याहवेह का स्तवन करे.

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