भजन संहिता 124
1यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते— 2यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते 3जब उनका क्रोध हम पर भड़क उठा था 4बाढ़ ने हमें जलमग्न कर दिया होता, 5उग्र जल प्रवाह 6स्तवन हो याहवेह का, 7हम उस पक्षी के समान हैं, 8हमारी सहायता याहवेह के नाम से है,
1यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते— 2यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते 3जब उनका क्रोध हम पर भड़क उठा था 4बाढ़ ने हमें जलमग्न कर दिया होता, 5उग्र जल प्रवाह 6स्तवन हो याहवेह का, 7हम उस पक्षी के समान हैं, 8हमारी सहायता याहवेह के नाम से है,