भजन संहिता 147
1याहवेह का स्तवन करो. 2येरूशलेम के निर्माता याहवेह हैं; 3जिनके हृदय भग्न हैं, वह उन्हें चंगा करते हैं, 4उन्होंने ही तारों की संख्या निर्धारित की है; 5पराक्रमी हैं हमारे प्रभु और अपार है उनका सामर्थ्य; 6याहवेह विनम्रों को ऊंचा उठाते 7धन्यवाद के साथ याहवेह का स्तवन गान करो; 8वही आकाश को बादलों से ढांक देते हैं; 9वही पशुओं के लिए आहार नियोजन 10घोड़े के बल में उन्हें कोई रुचि नहीं है, 11याहवेह को प्रसन्न करते हैं वे, जिनमें उनके प्रति श्रद्धा है, 12येरूशलेम, याहवेह की महिमा करो; 13क्योंकि याहवेह ने तुम्हारे द्वार के खंभों को सुदृढ़ बना दिया है; 14तुम्हारी सीमाओं के भीतर वह शांति की स्थापना करते 15वह अपना आदेश पृथ्वी के लिए भेजा करते हैं; 16वह हिमवृष्टि करते हैं, जो ऊन समान दिखता है; 17जब वह ओले के छोटे-छोटे टुकड़े से वृष्टि करते हैं, 18वह अपना आदेश भेजकर उसे पिघला देते हैं; 19उन्होंने याकोब के लिए अपना संदेश 20ऐसा उन्होंने किसी भी अन्य राष्ट्र के लिए नहीं किया;