भजन संहिता 148
1याहवेह का स्तवन हो. 2उनके समस्त स्वर्गदूत उनका स्तवन करें; 3सूर्य और चंद्रमा उनका स्तवन करें; 4सर्वोच्च आकाश, उनका स्तवन करे और वह जल भी, 5ये सभी याहवेह की महिमा का स्तवन करें, 6उन्होंने इन्हें सदा-सर्वदा के लिए स्थापित किया है; 7पृथ्वी से याहवेह का स्तवन किया जाए, 8अग्नि और ओले, हिम और धुंध, 9पर्वत और पहाड़ियां, 10वन्य पशु और पालतू पशु, 11पृथ्वी के राजा और राज्य के लोग, 12युवक और युवतियां, 13सभी याहवेह की महिमा का गुणगान करें, 14अपनी प्रजा के लिए उन्होंने एक सामर्थ्यी राजा का उद्भव किया है,