भजन संहिता 96
1सारी पृथ्वी याहवेह की स्तुति में नया गीत गाए; 2याहवेह के लिये गाओ. उनके नाम की प्रशंसा करो; 3देशों में उनके प्रताप की चर्चा की जाए, 4क्योंकि महान हैं याहवेह और सर्वाधिक योग्य हैं स्तुति के; 5क्योंकि अन्य जनताओं के समस्त देवता मात्र प्रतिमाएं ही हैं, 6वैभव और ऐश्वर्य उनके चारों ओर हैं; 7राष्ट्रों के समस्त गोत्रो, याहवेह को पहचानो, 8याहवेह के नाम की सुयोग्य महिमा करो; 9उनकी वंदना पवित्रता के ऐश्वर्य में की जाए. 10राष्ट्रों के सामने यह घोषणा की जाए, “याहवेह ही शासक हैं.” 11स्वर्ग आनंदित हो और पृथ्वी मगन; 12समस्त मैदान और उनमें चलते फिरते रहे सभी प्राणी उल्लसित हों; 13वे सभी याहवेह की उपस्थिति में गाएं, क्योंकि याहवेह आनेवाला हैं