HIN 诗篇 章 89

诗篇 89

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1ैं यहोवा की सारी करुणा के विषय सदा गाता रहूँगा; 2क्योंकि मैंने कहा, “तेरी करुणा सदा बनी रहेगी, 3तूने कहा, “मैंने अपने चुने हुए से वाचा बाँधी है, 4‘मैं तेरे वंश को सदा स्थिर रखूँगा; 89:4 मैं तेरे वंश को सदा स्थिर रखूँगा: अर्थात् सिंहासन पर उसके उत्तराधिकारी सदैव बैठेंगे। प्रतिज्ञा यह है कि उसके सिंहासन पर बैठने से एक भी नहीं चूकेगा।(सेला) (यूह. 7:42, 2 शमू. 7:11-16) 5हे यहोवा, स्वर्ग में तेरे अद्भुत काम की, 6क्योंकि आकाशमण्डल में यहोवा के तुल्य कौन ठहरेगा? 7परमेश्वर पवित्र लोगों की गोष्ठी में अत्यन्त प्रतिष्ठा के योग्य, (2 थिस्स. 1:10, भज. 76:7,11) 8हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, 9समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है; 10तूने रहब को घात किए हुए के समान कुचल डाला, (लूका 1:51, यशा. 51:9) 11आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है; (1 कुरि. 10:26, भज. 24:1,2) 12उत्तर और दक्षिण को तू ही ने सिरजा; 13तेरी भुजा बलवन्त है; 14तेरे सिंहासन का मूल, धर्म और न्याय है; 15क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहचानता है; 16वे तेरे नाम के हेतु दिन भर मगन रहते हैं, 17क्योंकि तू उनके बल की शोभा है, 18क्योंकि हमारी ढाल यहोवा की ओर से है, 19एक समय तूने अपने भक्त को दर्शन देकर बातें की; 20मैंने अपने दास दाऊद को लेकर, (प्रेरि. 13:22) 21मेरा हाथ उसके साथ बना रहेगा, 22शत्रु उसको तंग करने न पाएगा, 23मैं उसके शत्रुओं को उसके सामने से नाश करूँगा, 24परन्तु मेरी सच्चाई और करुणा उस पर बनी रहेंगी, 25मैं समुद्र को उसके हाथ के नीचे 26वह मुझे पुकारकर कहेगा, ‘तू मेरा पिता है, (1 पत. 1:17, प्रका. 21:7) 27फिर मैं उसको अपना पहलौठा, (प्रका. 1:5, प्रका. 17:18) 28मैं अपनी करुणा उस पर सदा बनाए रहूँगा, 89:28 मैं अपनी करुणा उस पर सदा बनाए रहूँगा: मैं उसे अपनी कृपा से कभी वंचित नहीं करूँगा न ही उसके वंशजों को, उसके और उनकी सन्तान और उसकी सन्तान की सन्तान के लिए सिंहासन सदा बना रहेगा। 29मैं उसके वंश को सदा बनाए रखूँगा, 30यदि उसके वंश के लोग मेरी व्यवस्था को छोड़ें 31यदि वे मेरी विधियों का उल्लंघन करें, 32तो मैं उनके अपराध का दण्ड सोंटें से, 33परन्तु मैं अपनी करुणा उस पर से न हटाऊँगा, 34मैं अपनी वाचा न तोड़ूँगा, 35एक बार मैं अपनी पवित्रता की शपथ खा चुका हूँ; मैं दाऊद को कभी धोखा न दूँगा। 89:35 मैं दाऊद को कभी धोखा न दूँगा: अर्थात् वह अपनी प्रतिज्ञा में विश्वासयोग्य पाया जाएगा। 36उसका वंश सर्वदा रहेगा, (लूका 1:32,33) 37वह चन्द्रमा के समान, (सेला) 38तो भी तूने अपने अभिषिक्त को छोड़ा और उसे तज दिया, 39तूने अपने दास के साथ की वाचा को त्याग दिया, 40तूने उसके सब बाड़ों को तोड़ डाला है, 41सब बटोही उसको लूट लेते हैं, 42तूने उसके विरोधियों को प्रबल किया; 43फिर तू उसकी तलवार की धार को मोड़ देता है, 44तूने उसका तेज हर लिया है, 45तूने उसकी जवानी को घटाया, (सेला) 46हे यहोवा, तू कब तक लगातार मुँह फेरे रहेगा, 47मेरा स्मरण कर, कि मैं कैसा अनित्य हूँ, 48कौन पुरुष सदा अमर रहेगा? (सेला) 49हे प्रभु, तेरी प्राचीनकाल की करुणा कहाँ रही, 89:49 तेरी प्राचीनकाल की करुणा कहाँ रही: तेरी दया, तेरी प्रतिज्ञाएँ, तेरी शपथ। तूने दाऊद से जो प्रतिज्ञाएँ की थीं वे कहाँ हैं? क्या वे पूरी हो गई? या वे भुलाई जा चुकी हैं और अमान्य हो गई हैं? 50हे प्रभु, अपने दासों की नामधराई की सुधि ले; 51तेरे उन शत्रुओं ने तो हे यहोवा, 52यहोवा सर्वदा धन्य रहेगा!

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