HCV › 诗篇 › 章 127 诗篇 127 HCV · 比较 · Audio 1यदि गृह-निर्माण याहवेह द्वारा न किया गया हो तो, 2तुम्हारा सुबह जाग उठना 3संतान याहवेह के दिए हुए निज भाग होते हैं, 4युवावस्था में उत्पन्न हुई संतान वैसी ही होती है, 5कैसा धन्य होता है वह पुरुष,