HIN Psalm Sura 62

Psalm 62

HIN · Linganisha · Sauti

1चमुच मैं चुपचाप होकर परमेश्वर की ओर मन लगाए हूँ 2सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, 3तुम कब तक एक पुरुष पर धावा करते रहोगे, 4सचमुच वे उसको, उसके ऊँचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; (सेला) 5हे मेरे मन, परमेश्वर के सामने चुपचाप रह, 6सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, 7मेरे उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; 8हे लोगों, हर समय उस पर भरोसा रखो; उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो; 62:8 उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो: यहाँ अंतर्निहित विचार है कि मन कोमल एवं मुलायम हो जाए कि उसकी भावनाएँ और इच्छाएँ पानी के सदृश्य बहने लगें।(सेला) 9सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; 10अत्याचार करने पर भरोसा मत रखो, (मत्ती 19:21,22, 1 तीमु. 6:17) 11परमेश्वर ने एक बार कहा है; कि सामर्थ्य परमेश्वर का है 62:11 कि सामर्थ्य परमेश्वर का है: कहने का अर्थ है कि मनुष्य के लिए आवश्यक सामर्थ्य अर्थात् उसकी रक्षा एवं उद्धार की योग्यता, केवल परमेश्वर में हैं। 12और हे प्रभु, करुणा भी तेरी है। (दानि. 9:9, मत्ती 16:27, रोम. 2:6, प्रका. 22:12)

Kikomo cha Kila Siku Kimefikia

Boresha mpango wako ili kuendelea na matumizi ya vipengele vya AI na mipango ya juu ya kila siku.

Linganisha mipango yote →