HIN Psalm Sura 39

Psalm 39

HIN · Linganisha · Sauti

1ैंने कहा, “मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूँगा, (याकू. 1:26) 2मैं मौन धारण कर गूँगा बन गया, 3मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। 39:3 मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था: मेरा मन अधिकाधिक विचलित हो गया और मेरी भावनाएँ भी अधिकाधिक प्रबल हो गई। अपनी भावनाओं को दबाने का प्रयास किया तो वे अधिक प्रज्वलित हो गई। 4“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त 5देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, (सेला) 6सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; 7“अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूँ? 8मुझे मेरे सब अपराधों के बन्धन से छुड़ा ले। 9मैं गूँगा बन गया और मुँह न खोला; 39:9 मैं गूँगा बन गया: उसने शिकायत करने के लिए मुँह नहीं खोला; उसने नहीं कहा कि परमेश्वर ने उस पर निर्दयता दिखाई या अन्याय किया। 10तूने जो विपत्ति मुझ पर डाली है 11जब तू मनुष्य को अधर्म के कारण 12“हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, और मेरी दुहाई पर कान लगा; (इब्रा. 11:13) 13आह! इससे पहले कि मैं यहाँ से चला जाऊँ

Kikomo cha Kila Siku Kimefikia

Boresha mpango wako ili kuendelea na matumizi ya vipengele vya AI na mipango ya juu ya kila siku.

Linganisha mipango yote →