यशायाह 16
1सेला नगर से 2आरनोन के घाट पर 3“हमें समझाओ, 4मोआब के घर से निकाले हुओं को अपने बीच में रहने दो; 5तब दया के साथ एक सिंहासन बनाया जाएगा; 6हमने मोआब के अहंकार— 7इसलिये मोआब को 8हेशबोन के खेत तथा सिबमाह के दाख की बारी सूख गई हैं; 9इसलिये मैं याज़र के लिए रोऊंगा, 10फलदायी बारी से आनंद और उनकी खुशी छीन ली गई है; 11मेरा मन मोआब के लिए 12जब मोआब ऊंचाई पर जाकर थक 13यह मोआब के लिये पहले कहा हुआ याहवेह का वचन है. 14परंतु अब याहवेह ने यों कहा: “मजदूरों की तीन वर्षों की गिनती के अनुसार, मोआब का वैभव तिरस्कार में तुच्छ जाना जाएगा और उसके बचे हुए अत्यंत कम और कमजोर होंगे.”