Psaumes 3
1ऐ ख़ुदावन्द मेरे सताने वाले कितने बढ़ गए, 2बहुत से मेरी जान के बारे में कहते हैं, 3लेकिन तू ऐ ख़ुदावन्द, हर तरफ़ मेरी सिपर है। 4मैं बुलन्द आवाज़ से ख़ुदावन्द के सामने फ़रियाद करता हूँ 5मैं लेट कर सो गया; 6मैं उन दस हज़ार आदमियों से नहीं डरने का, 7उठ ऐ ख़ुदावन्द, ऐ मेरे ख़ुदा, मुझे बचा ले! 8नजात ख़ुदावन्द की तरफ़ से है।