Псалми 60
1ऐ ख़ुदा, तूने हमें रद्द किया; 2तूने ज़मीन को लरज़ा दिया; 3तूने अपने लोगों को सख़्तियाँ दिखाई, 4जो तुझ से डरते हैं, तूने उनको एक झंडा दिया है; 5अपने दहने हाथ से बचा और हमें जवाब दे, 6ख़ुदा ने अपनी पाकीज़गी में फ़रमाया है, “मैं ख़ुशी करूँगा; 7जिल'आद मेरा है, मनस्सी भी मेरा है; 8मोआब मेरी चिलमची है, 9मुझे उस मुहकम शहर में कौन पहुँचाएगा? 10ऐ ख़ुदा, क्या तूने हमें रद्द नहीं कर दिया? 11मुख़ालिफ़ के मुक़ाबले में हमारी मदद कर, 12ख़ुदा की मदद से हम बहादुरी करेंगे,