Псалми 28
1ऐ ख़ुदावन्द, मैं तुझ ही को पुकारूँगा; 2जब मैं तुझ से फ़रियाद करूँ, 3मुझे उन शरीरों और बदकिरदारों के साथ घसीट न ले जा; 4उनके अफ़'आल — ओ — आ'माल की बुराई के मुवाफ़िक़ उनको बदला दे, 5वह ख़ुदावन्द के कामों 6ख़ुदावन्द मुबारक हो, 7ख़ुदावन्द मेरी ताक़त और मेरी ढाल है; 8ख़ुदावन्द उनकी ताक़त है, 9अपनी उम्मत को बचा, और अपनी मीरास को बरकत दे;