Псалтирь 87
1उसकी बुनियाद पाक पहाड़ों में है। 2ख़ुदावन्द सिय्यून के फाटकों को या'क़ूब के सब घरों से ज़्यादा 'अज़ीज़ रखता है। 3ऐ ख़ुदा के शहर! 4मैं रहब और बाबुल का यूँ ज़िक्र करूँगा, 5बल्कि सिय्यून के बारे में कहा जाएगा, 6ख़ुदावन्द क़ौमों के शुमार के वक़्त दर्ज करेगा, 7गाने वाले और नाचने वाले यही कहेंगे कि