HIN Mazmur Pasal 35

Mazmur 35

HIN · Bandingkan · Audio

1े यहोवा, जो मेरे साथ मुकद्दमा लड़ते हैं, 2ढाल और भाला लेकर मेरी सहायता करने को 3बर्छी को खींच और मेरा पीछा करनेवालों के 4जो मेरे प्राण के ग्राहक हैं 5वे वायु से उड़ जानेवाली भूसी के समान हों, 6उनका मार्ग अंधियारा और फिसलाहा हो, 35:6 उनका मार्ग अंधियारा और फिसलाहा हो: “अन्धकार भरा” अर्थात् वे देख नहीं पाएँ कि कहाँ जाते हैं, उन्हें क्या हानि होगी, उनके सामने क्या है उसका उन्हें ज्ञान न हो। 7क्योंकि अकारण उन्होंने मेरे लिये अपना 8अचानक उन पर विपत्ति आ पड़े! (रोम. 11:9,10, 1 थिस्स. 5:3) 9परन्तु मैं यहोवा के कारण अपने 10मेरी हड्डी-हड्डी कहेंगी, 11अधर्मी साक्षी खड़े होते हैं; 12वे मुझसे भलाई के बदले बुराई करते हैं, 13जब वे रोगी थे तब तो मैं टाट पहने रहा, 35:13 मैं टाट पहने रहा: कष्टों में उन्हें गहरी सहानुभूति दिखाई और अपमान एवं विलाप का प्रतीक धारण किया।(अय्यू. 30:25, रोम. 12:15) 14मैं ऐसी भावना रखता था कि मानो वे मेरे 15परन्तु जब मैं लँगड़ाने लगा तब वे 16आदर के बिना वे मुझे ताना मारते हैं; (भज. 37:12) 17हे प्रभु, तू कब तक देखता रहेगा? 18मैं बड़ी सभा में तेरा धन्यवाद करूँगा; 19मेरे झूठ बोलनेवाले शत्रु मेरे विरुद्ध (यूह. 15:25, भज. 69:4) 20क्योंकि वे मेल की बातें नहीं बोलते, 21और उन्होंने मेरे विरुद्ध मुँह पसार के कहा; 22हे यहोवा, तूने तो देखा है; चुप न रह! 23उठ, मेरे न्याय के लिये जाग, 24हे मेरे परमेश्वर यहोवा, 25वे मन में न कहने पाएँ, 26जो मेरी हानि से आनन्दित होते हैं जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारते हैं 35:26 जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारते हैं: जो मुझ पर अपना बड़प्पन दिखाते हैं, कि मुझे गिराकर, नाश करके वे मेरे विनाश के द्वारा ऊपर उठना चाहते हैं। 27जो मेरे धर्म से प्रसन्न रहते हैं, 28तब मेरे मुँह से तेरे धर्म की चर्चा होगी,

Batas Harian Tercapai

Tingkatkan paket Anda untuk terus menggunakan fitur AI dengan batas harian yang lebih tinggi.

Bandingkan semua paket →