สดุดี 88
1ऐ ख़ुदावन्द, मेरी नजात देने वाले ख़ुदा, 2मेरी दुआ तेरे सामने पहुँचे, 3क्यूँकि मेरा दिल दुखों से भरा है, 4मैं क़ब्र में उतरने वालों के साथ गिना जाता हूँ। 5जैसे मक़्तूलो की तरह जो क़ब्र में पड़े हैं, 6तूने मुझे गहराओ में, अँधेरी जगह में, 7मुझ पर तेरा क़हर भारी है, 8तूने मेरे जान पहचानों को मुझ से दूर कर दिया; 9मेरी आँख दुख से धुंधला चली। 10क्या तू मुर्दों को 'अजायब दिखाएगा? 11क्या तेरी शफ़क़त का ज़िक्र क़ब्र में होगा, 12क्या तेरे 'अजायब को अंधेरे में पहचानेंगे, 13लेकिन ऐ ख़ुदावन्द, मैंने तो तेरी दुहाई दी है; 14ऐ ख़ुदावन्द, तू क्यूँ। मेरी जान को छोड़ देता है? 15मैं लड़कपन ही से मुसीबतज़दा 16तेरा क़हर — ए — शदीद मुझ पर आ पड़ा: 17उसने दिनभर सैलाब की तरह मेरा घेराव किया; 18तूने दोस्त व अहबाब को मुझ से दूर किया