URD สดุดี บท 126

สดุดี 126

1ब ख़ुदावन्द सिय्यून के गुलामों को वापस लाया, 2उस वक़्त हमारे मुँह में हँसी, 3ख़ुदावन्द ने हमारे लिए बड़े बड़े काम किए हैं, 4ऐ ख़ुदावन्द! दखिन की नदियों की तरह, 5जो आँसुओं के साथ बोते हैं, 6जो रोता हुआ बीज बोने जाता है,

ถึงลิมิตรายวัน

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