สดุดี 82
1स्वर्गिक महासभा में परमेश्वर ने अपना स्थान ग्रहण किया है; 2कब तक तुम अन्यायी को समर्थन करते रहोगे, 3दुःखी तथा पितृहीन का पक्ष दृढ़ करो; 4दुर्बल एवं दीनों को छुड़ा लो; 5“वे कुछ नहीं जानते, वे कुछ नहीं समझते. 6“मैंने कहा, ‘तुम “ईश्वर” हो; 7किंतु तुम सभी की मृत्यु दूसरे मनुष्यों सी होगी; 8परमेश्वर, उठकर पृथ्वी का न्याय कीजिए,