Psalmen 20
1मुसीबत के दिन ख़ुदावन्द तेरी सुने। 2वह मक़दिस से तेरे लिए मदद भेजे, 3वह तेरे सब हदियों को याद रख्खे, 4वह तेरे दिल की आरज़ू पूरी करे, 5हम तेरी नजात पर ख़ुशी मनाएंगे, 6अब मैं जान गया कि ख़ुदावन्द अपने मम्सूह को बचा लेता है; 7किसी को रथों का और किसी को घोड़ों का भरोसा है, 8वह तो झुके और गिर पड़े; 9ऐ ख़ुदावन्द! बचा ले;