1ऐ ख़ुदा, मेरा इन्साफ़ कर2क्यूँकि तू ही मेरी ताक़त का ख़ुदा है,3अपने नूर, अपनी सच्चाई को भेज,4तब मैं ख़ुदा के मज़बह के पास जाऊँगा,5ऐ मेरी जान! तू क्यूँ गिरी जाती है?
Napi korlát elérve
Frissítsd az előfizetésed, hogy az AI funkciókat magasabb napi korlátokkal használhasd.