Hohelied 8
1काश कि तू मेरे भाई की तरह होता, 2मैं तुझ को अपनी माँ के घर में ले जाती, वह मुझे सिखाती। 3उसका बायाँ हाथ मेरे सिर के नीचे होता, 4ऐ येरूशलेम की बेटियो, 5यह कौन है जो वीराने से, 6नगीन की तरह मुझे अपने दिल में लगा रख और तावीज़ की तरह अपने बाज़ू पर, 7सैलाब 'इश्क़ को बुझा नहीं सकता, 8हमारी एक छोटी बहन है, 9अगर वह दीवार हो, 10मैं दीवार हूँ और मेरी छातियाँ बुर्ज हैं 11बाल हामून में सुलेमान का खजूर का बाग़ था 12मेरा खजूर का बाग़ जो मेरा ही है मेरे सामने है ऐ सुलेमान तू तो हज़ार ले, 13ऐ बूस्तान में रहनेवाली, 14ऐ मेरे महबूब जल्दी कर