Yeşaya 17
1दमेशेक के विरोध में एक भविष्यवाणी: 2अरोअर के नगर उजाड़ कर दिए गए हैं 3एफ्राईम के गढ़ गुम हो जाएंगे, 4“उस दिन याकोब का वैभव कम हो जाएगा; 5और ऐसा होगा जैसा फसल काटकर बालों को बांधे, 6जैतून के पेड़ को झाड़ने पर कुछ फल नीचे रह जाते हैं, 7उस दिन मनुष्य अपने सृष्टिकर्ता की ओर अपनी आंखें उठाएंगे 8वह अपनी बनाई हुई धूप वेदी 9उस समय उनके गढ़वाले नगर, घने बंजर भूमि हो जाएंगे अथवा जो इस्राएल के डर से छोड़ दिए गए हो, उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा. 10क्योंकि तुम अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर को भूल गए; 11उगाने के बाद तुम इसे बढ़ा भी लो 12हाय देश-देश के बहुत से लोगों का कैसा अपमान हो रहा है— 13जैसे पहाडों से भूसी और धूल उड़कर फैलती है, 14शाम को तो घबराहट होती है!