สดุดี 60
1हे परमेश्वर, तूने हमको त्याग दिया, 2तूने भूमि को कँपाया और फाड़ डाला है; 3तूने अपनी प्रजा को कठिन समय दिखाया; तूने हमें लड़खड़ा देनेवाला दाखमधु पिलाया है। 60:3 तूने हमें लड़खड़ा देनेवाला दाखमधु पिलाया है: कहने का अर्थ है कि उनकी दशा ऐसी है जैसे कि परमेश्वर ने उन्हें नशीले पदार्थ का कटोरा पिला दिया है, जिसके कारण वे स्थिर खड़े नहीं हो पा रहे है। 4तूने अपने डरवैयों को झण्डा दिया है, (सेला) 5तू अपने दाहिने हाथ से बचा, और हमारी सुन ले 6परमेश्वर पवित्रता के साथ बोला है, “मैं प्रफुल्लित होऊँगा; 7गिलाद मेरा है; मनश्शे भी मेरा है; 8मोआब मेरे धोने का पात्र है; 9मुझे गढ़वाले नगर में कौन पहुँचाएगा? 10हे परमेश्वर, क्या तूने हमको त्याग नहीं दिया? 11शत्रु के विरुद्ध हमारी सहायता कर, मनुष्य की सहायता व्यर्थ है। 60:11 मनुष्य की सहायता व्यर्थ है: हमारी सहायता परमेश्वर से है। मनुष्य न तो अगुआई कर सकता है न ही शक्ति दे सकता है, न क्षमा कर सकता, न उद्धार दिला सकता है। मनुष्य से सहायता की आशा करना व्यर्थ है। 12परमेश्वर की सहायता से हम वीरता दिखाएँगे,