1अगर ख़ुदावन्द ही घर न बनाए,2तुम्हारे लिए सवेरे उठना और देर में आराम करना,3देखो, औलाद ख़ुदावन्द की तरफ़ से मीरास है,4जवानी के फ़र्ज़न्द ऐसे हैं,5ख़ुश नसीब है वह आदमी जिसका तरकश उनसे भरा है।
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