Eclesiastes 12
1जवानी में अपने बनानेवाले को याद रख: 2इससे पहले कि सूरज, चंद्रमा 3उस दिन पहरेदार कांपने लगेंगे, 4चक्की की आवाज धीमी होने के कारण 5लोग ऊंची जगहों से डरेंगे 6याद करो उनको इससे पहले कि चांदी की डोर तोड़ी जाए, 7धूल जैसी थी वैसी ही भूमि में लौट जाएगी, 8“बेकार! ही बेकार है!” दार्शनिक कहता है, 9बुद्धिमान होने के साथ साथ दार्शनिक ने लोगों को ज्ञान भी सिखाया उसने खोजबीन की और बहुत से नीतिवचन को इकट्ठा किया. 10दार्शनिक ने मनभावने शब्दों की खोज की और सच्चाई की बातों को लिखा. 11बुद्धिमानों की बातें छड़ी के समान होती हैं तथा शिक्षकों की बातें अच्छे से ठोकी गई कीलों के समान; वे एक ही चरवाहे द्वारा दी गईं हैं. 12पुत्र! इनके अलावा दूसरी शिक्षाओं के बारे में चौकस रहना; 13इसलिये इस बात का अंत यही है: 14क्योंकि परमेश्वर हर एक काम को,