시편 132
1याहवेह, दावीद को और उनके द्वारा झेली गई 2उन्होंने याहवेह की शपथ खाई, 3“मैं न तो तब तक घर में प्रवेश करूंगा 4न तो मैं अपनी आंखों में नींद आने दूंगा 5जब तक मुझे याहवेह के लिए एक स्थान उपलब्ध न हो जाए, 6इसके विषय में हमने एफ़राथा में सुना, 7“आओ, हम उनके आवास को चलें; 8‘याहवेह, अब उठकर अपने विश्राम स्थल पर आ जाइए, 9आपके पुरोहित धर्म के वस्त्र पहिने हुए हों; 10अपने सेवक दावीद के निमित्त, 11याहवेह ने दावीद से शपथ खाई थी, 12यदि तुम्हारे वंशज मेरी वाचा का पालन करेंगे 13क्योंकि ज़ियोन याहवेह द्वारा ही निर्धारित किया गया है, 14“यह सदा-सर्वदा के लिए मेरा विश्रान्ति स्थल है; 15उसके लिए मेरी आशीष बड़ी योजना होगी; 16उसके पुरोहितों को मैं उद्धार के परिधानों से सुसज्जित करूंगा, 17“यहां मैं दावीद के वंश को बढाऊंगा, 18मैं उसके शत्रुओं को लज्जा के वस्त्र पहनाऊंगा,