HCV Lamentazioni Capitolo 4

Lamentazioni 4

HCV · Confronta · Audio

1ोना खोटा कैसे हो गया, 2ज़ियोन के वे उत्कृष्ट पुत्र, 3सियार अपने बच्चों को 4अतिशय तृष्णा के कारण दूधमुंहे शिशु की जीभ 5जिनका आहार उत्कृष्ट भोजन हुआ करता था, 6मेरी प्रजा की पुत्री पर पड़ा अधर्म 7उस नगरी के शासक तो हिम से अधिक विशुद्ध, 8अब उन्हीं के मुखमंडल श्यामवर्ण रह गए हैं; 9वे ही श्रेष्ठतर कहे जाएंगे, जिनकी मृत्यु तलवार प्रहार से हुई थी, 10ये उन करुणामयी माताओं के ही हाथ थे, 11याहवेह ने अपने कोप का प्रवाह पूर्णतः 12न तो संसार के राजाओं को, 13इसका कारण था उसके भविष्यवक्ताओं के पाप 14अब वे नगर की गलियों में दृष्टिहीनों-सदृश भटक रहे हैं; 15उन्हें देख लोग चिल्ला उठते है, “दूर, दूर अशुद्ध! 16उन्हें तो याहवेह ने ही इस तरह बिखरा दिया है; 17हमारे नेत्र दृष्टिहीन हो गए, 18उन्होंने इस रीति से हमारा पीछा करना प्रारंभ कर दिया, 19वे, जो हमारा पीछा कर रहे थे, 20याहवेह द्वारा अभिषिक्त, हमारे जीवन की सांस 21एदोम की पुत्री, तुम, जो उज़ देश में निवास करती हो, 22ज़ियोन की पुत्री, निष्पन्‍न हो गया तुम्हारी पापिष्ठता का दंड;

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