HCV Jérémie Chapitre 12

Jérémie 12

HCV · Comparer · Audio

1ाहवेह, जब भी मैं आपके समक्ष अपना मुकदमा प्रस्तुत करता हूं, 2आपने उन्हें रोपित किया है, अब तो उन्होंने जड़ भी पकड़ ली है; 3किंतु याहवेह, आप मुझे जानते हैं; 4हमारा देश और कितने दिन विलाप करता रहेगा 5“यदि तुम धावकों के साथ दौड़ रहे थे 6क्योंकि यहां तक कि तुम्हारे भाई-बंधुओं तथा तुम्हारे पिता के ही परिवार ने— 7“मैंने अपने परिवार का परित्याग कर दिया है, 8मेरे लिए तो अब मेरा यह निज भाग 9क्या मेरे लिए यह निज भाग 10अनेक हैं वे चरवाहे जिन्होंने मेरा द्राक्षाउद्यान नष्ट कर दिया है, 11इसे उजाड़ बना दिया गया है, 12निर्जन प्रदेश में वनस्पतिहीन पहाड़ियों पर 13उन्होंने रोपण तो किया गेहूं को किंतु उपज काटी कांटों की; 14अपने बुरे पड़ोसियों के विषय में जिन्होंने मेरी प्रजा इस्राएल के इस निज भाग पर आक्रमण किया है, याहवेह का यह कहना है: “यह देख लेना, मैं उन्हें उनके देश में से अलग करने पर हूं और उनके मध्य से मैं यहूदाह के वंश को अलग कर दूंगा. 15और तब जब मैं उन्हें अलग कर दूंगा, मैं उन पर पुनः अपनी करुणा प्रदर्शित करूंगा; तब मैं उनमें से हर एक को उसके इस निज भाग में लौटा ले आऊंगा; हर एक को उसके देश में लौटा लाऊंगा. 16तब यदि वे मेरी प्रजा की नीतियां सीख लेंगे और बाल के जीवन की शपथ कहने के स्थान पर कहेंगे, ‘जीवित याहवेह की शपथ,’ तब वे मेरी प्रजा के मध्य ही समृद्ध होते चले जाएंगे. 17किंतु यदि वे मेरे आदेश की अवहेलना करेंगे, तब मैं उस राष्ट्र को अलग कर दूंगा; अलग कर उसे नष्ट कर दूंगा,” यह याहवेह की वाणी है.

Limite quotidienne atteinte

Mettez à jour votre plan pour continuer à utiliser les fonctionnalités de l'IA avec des limites quotidiennes plus élevées.

Comparer tous les forfaits →