HIN Psalm Luku 30

Psalm 30

HIN · Vertaa · Audio

1े यहोवा, मैं तुझे सराहूँगा क्योंकि तूने 2हे मेरे परमेश्वर यहोवा, 3हे यहोवा, तूने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तूने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है। 30:3 और कब्र में पड़ने से बचाया है: अर्थात् मृत्यु उसके सिर पर थी वरन् वह कब्र के मुँह से निकाला गया। 4तुम जो विश्वासयोग्य हो! 5क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। 30:5 उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है: उसकी प्रवृति में जीवन देना है। वह जीवन रक्षक है, वह शाश्‍वत जीवन देता है। 6मैंने तो अपने चैन के समय कहा था, 7हे यहोवा, अपनी प्रसन्नता से तूने मेरे पहाड़ को दृढ़ 8हे यहोवा, मैंने तुझी को पुकारा; 9जब मैं कब्र में चला जाऊँगा तब मेरी मृत्यु से 10हे यहोवा, सुन, मुझ पर दया कर; 11तूने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला; तूने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द 30:11 तूने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द: जो मैंने पहना या मेरी कमर में कसा हुआ था वो दुःख का प्रतीक था और मेरे विलाप को दर्शाता है।का पटुका बाँधा है; 12ताकि मेरा मन तेरा भजन गाता रहे

Päivittäinen raja saavutettu

Päivitä palvelupakettia jatkaaksesi AI-ominaisuuksien käyttöä korkeammilla päivittäisillä rajoilla.

Vertaa kaikkia tilauksia →