HCV Lamentations Luku 1

Lamentations 1

HCV · Vertaa · Audio

1ैसी अकेली रह गई है, 2रात्रि में बिलख-बिलखकर रोती रहती है, 3यहूदिया के निर्वासन का कारण था 4ज़ियोन के मार्ग विलाप के हैं, 5आज उसके शत्रु ही अध्यक्ष बने बैठे हैं; 6ज़ियोन की पुत्री से 7अब इन पीड़ा के दिनों में, इन भटकाने के दिनों में 8येरूशलेम ने घोर पाप किया है 9उसकी गंदगी तो उसके वस्त्रों में थी; 10शत्रु ने अपनी भुजाएं उसके समस्त गौरव की 11उसके सभी नागरिक कराहते हुए 12“तुम सभी के लिए, जो इस मार्ग से होकर निकल जाते हो, क्या यह तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं? 13“उच्च स्थान से याहवेह ने मेरी अस्थियों में अग्नि लगा दी, 14“मेरे अपराध मुझ पर ही जूआ बना दिए गए हैं; 15“प्रभु ने मेरे सभी शूर योद्धाओं को 16“यही सब मेरे रोने का कारण हैं 17ज़ियोन ने अपने हाथ फैलाए हैं, 18“याहवेह सच्चा हैं, 19“मैंने अपने प्रेमियों को पुकारा, 20“याहवेह, मेरी ओर दृष्टि कीजिए! 21“उन्होंने मेरी कराहट सुन ली है, 22“उनकी समस्त दुष्कृति आपके समक्ष प्रकट हो जाए;

Päivittäinen raja saavutettu

Päivitä palvelupakettia jatkaaksesi AI-ominaisuuksien käyttöä korkeammilla päivittäisillä rajoilla.

Vertaa kaikkia tilauksia →