HCV Psalm Chapter 140

Psalm 140

HCV · Compare · Audio

1ाहवेह, दुष्ट पुरुषों से मुझे उद्धार प्रदान कीजिए; 2वे मन ही मन अनर्थ षड़्‍यंत्र रचते रहते हैं 3उन्होंने अपनी जीभ सर्प सी तीखी बना रखी है; 4याहवेह, दुष्टों से मेरी रक्षा कीजिए; 5उन अहंकारियों ने मेरे पैरों के लिए एक फंदा बनाकर छिपा दिया है; 6मैं याहवेह से कहता हूं, “आप ही मेरे परमेश्वर हैं.” 7याहवेह, मेरे प्रभु, आप ही मेरे उद्धार का बल हैं, 8दुष्टों की अभिलाषा पूर्ण न होने दें, याहवेह; 9जिन्होंने इस समय मुझे घेरा हुआ है; 10उनके ऊपर जलते हुए कोयलों की वृष्टि हो; 11निंदक इस भूमि पर अपने पैर ही न जमा सकें; 12मैं जानता हूं कि याहवेह दुखित का पक्ष अवश्य लेंगे 13निश्चयतः धर्मी आपके नाम का आभार मानेंगे,

Daily Limit Reached

Upgrade your plan to continue using AI features with higher daily limits.

Compare all plans →