Psalmen 54
1ऐ ख़ुदा! अपने नाम के वसीले से मुझे बचा, 2ऐ ख़ुदा मेरी दुआ सुन ले; 3क्यूँकि बेगाने मेरे ख़िलाफ़ उठे हैं, 4देखो, ख़ुदा मेरा मददगार है! 5वह बुराई को मेरे दुश्मनों ही पर लौटा देगा; 6मैं तेरे सामने रज़ा की कु़र्बानी चढ़ाऊँगा; 7क्यूँकि उसने मुझे सब मुसीबतों से छुड़ाया है,