1परमेश्वर, मुझे निर्दोष प्रमाणित कीजिए,2क्योंकि आप वह परमेश्वर हैं, जिनमें मेरा बल है.3अपनी ज्योति तथा अपना सत्य भेज दीजिए,4तब मैं परमेश्वर की वेदी के निकट जा सकूंगा,5मेरे प्राण, तुम ऐसे खिन्न क्यों हो?
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