HCV Psalm Sura 18

Psalm 18

HCV · Linganisha · Sauti

1ाहवेह, मेरे सामर्थ्य, मैं आपसे प्रेम करता हूं. 2याहवेह मेरी चट्टान, मेरा गढ़ और मेरे छुड़ानेवाले हैं; 3मैं दोहाई याहवेह की देता हूं, सिर्फ वही स्तुति के योग्य हैं, 4मृत्यु की लहरों में घिर चुका था; 5अधोलोक के तंतुओं ने मुझे उलझा लिया था; 6अपनी वेदना में मैंने याहवेह की दोहाई दी; 7पृथ्वी झूलकर कांपने लगी, 8उनके नथुनों से धुआं उठ रहा था; 9उन्होंने आकाशमंडल को झुकाया और उतर आए; 10वह करूब पर चढ़कर उड़ गए; 11उन्होंने अंधकार ओढ़ लिया, वह उनका छाता बन गया, 12उनकी उपस्थिति के तेज से मेघ ओलों 13स्वर्ग से याहवेह ने गर्जन की 14उन्होंने बाण छोड़े और उन्हें बिखरा दिया, 15याहवेह की प्रताड़ना से, 16उन्होंने स्वर्ग से हाथ बढ़ाकर मुझे थाम लिया; 17उन्होंने मुझे मेरे प्रबल शत्रु से मुक्त किया, 18संकट के दिन उन्होंने मुझ पर आक्रमण कर दिया था, 19वह मुझे खुले स्थान पर ले आए; 20मेरी भलाई के अनुसार ही याहवेह ने मुझे प्रतिफल दिया है; 21मैं याहवेह की नीतियों का पालन करता रहा हूं; 22उनकी सारी नियम संहिता मेरे सामने बनी रही; 23मैं उनके सामने निर्दोष बना रहा, 24इसलिये याहवेह ने मुझे मेरी भलाई के अनुसार ही प्रतिफल दिया है, 25सच्चे लोगों के प्रति आप स्वयं विश्वासयोग्य साबित होते हैं, 26वह, जो निर्मल है, उस पर अपनी निर्मलता प्रकट करते हैं, 27आप विनम्र को सुरक्षा प्रदान करते हैं, 28याहवेह, आप मेरे दीपक को जलाते रहिये, 29जब आप मेरी ओर हैं, तो मैं सेना से टक्कर ले सकता हूं; 30यह वह परमेश्वर हैं, जिनकी नीतियां खरी हैं: 31क्योंकि याहवेह के अलावा कोई परमेश्वर है? 32वही परमेश्वर मेरे मजबूत आसरा हैं; 33उन्हीं ने मेरे पांवों को हिरण के पांवों के समान बना दिया है; 34वह मेरे हाथों को युद्ध के लिए 35आपने मुझे उद्धार की ढाल प्रदान की है, 36मेरे पांवों के लिए आपने चौड़ा रास्ता दिया है, 37मैंने अपने शत्रुओं का पीछा कर उन्हें नाश कर दिया है; 38मैंने उन्हें ऐसा कुचल दिया कि वे पुनः सिर न उठा सकें; 39आपने मुझे युद्ध के लिए आवश्यक शक्ति से भर दिया; 40आपने मेरे शत्रुओं को पीठ दिखाकर भागने पर विवश कर दिया, वे मेरे विरोधी थे. 41उन्होंने मदद के लिए पुकारा, मगर उनकी रक्षा के लिए कोई भी न आया. 42मैंने उन्हें ऐसा कुचला कि वे पवन में उड़ती धूल से हो गए; 43आपने मुझे मेरे सजातियों के द्वारा उठाए कलह से छुटकारा दिया है; 44विदेशी मेरी उपस्थिति में दास की तरह व्यवहार करते आए; 45विदेशियों का मनोबल जाता रहा; 46जीवित हैं याहवेह! धन्य हैं मेरी चट्टान! 47परमेश्वर, जिन्होंने मुझे प्रतिफल दिया मेरा बदला लिया, 48जो मुझे मेरे शत्रुओं से मुक्त करते हैं, 49इसलिये, याहवेह, मैं राष्ट्रों के सामने आपकी स्तुति करूंगा; 50“अपने राजा के लिए वही हैं छुटकारे का खंभा;

Kikomo cha Kila Siku Kimefikia

Boresha mpango wako ili kuendelea na matumizi ya vipengele vya AI na mipango ya juu ya kila siku.

Linganisha mipango yote →