HIN Псалми Poglavlje 76

Псалми 76

HIN · Uporedi · Audio

1रमेश्वर यहूदा में जाना गया है, 2और उसका मण्डप शालेम में, 3वहाँ उसने तीरों को, (सेला) 4हे परमेश्वर, तू तो ज्योतिर्मय है: 5दृढ़ मनवाले लुट गए, और भारी नींद में पड़े हैं; 6हे याकूब के परमेश्वर, तेरी घुड़की से, 7केवल तू ही भययोग्य है; 8तूने स्वर्ग से निर्णय सुनाया है; 9जब परमेश्वर न्याय करने को, और पृथ्वी के सब नम्र लोगों का उद्धार करने को उठा। 76:9 जब परमेश्वर न्याय करने .... उठा: अर्थात् जब वह अपनी प्रजा के शत्रुओं को उखाड़ फेंकने और नष्ट करने आया जैसा इस भजन के पूर्वोक्त अंश में व्यक्त है।(सेला) 10निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, 11अपने परमेश्वर यहोवा की मन्नत मानो, और पूरी भी करो; वह जो भय के योग्य है, उसके आस-पास के सब उसके लिये भेंट ले आएँ। 76:11 वह जो भय के योग्य है: यह भय उत्पन्न करने के लिए नहीं है कि भेंटे चढ़ाई जाएँ परन्तु वे इसलिए चढ़ाई जाएँ कि उसने प्रगट कर दिया कि वही भय और श्रद्धा के योग्य है। 12वह तो प्रधानों का अभिमान मिटा देगा;