1तब बिलदद सूखी ने जवाब दिया2“हुकूमत और दबदबा उसके साथ है3क्या उसकी फ़ौजों की कोई ता'दाद है?4फिर इंसान क्यूँकर ख़ुदा के सामने रास्त ठहर सकता है?5देख, चाँद में भी रोशनी नहीं,6फिर भला इंसान का जो महज़ कीड़ा है,
Osiągnięto dzienny limit
Zmień plan na nowszy, aby kontynuować korzystanie z funkcji AI z wyższymi dziennymi limitami.