URD Pieśń nad Pieśniami Rozdział 5

Pieśń nad Pieśniami 5

URD · Porównaj · Audio

1ै अपने बाग़ में आया हूँ ऐ मेरी प्यारी ऐ मेरी ज़ौजा; 2मैं सोती हूँ, लेकिन मेरा दिल जागता है। 3मैं तो कपड़े उतार चुकी, अब फिर कैसे पहनूँ? 4मेरे महबूब ने अपना हाथ सूराख़ से अन्दर किया, 5मैं अपने महबूब के लिए दरवाज़ा खोलने को उठी, 6मैंने अपने महबूब के लिए दरवाज़ा खोला, 7पहरेवाले जो शहर में फिरते हैं, मुझे मिले; 8ऐ येरूशलेम की बेटियो! 9तेरे महबूब को किसी दूसरे महबूब पर क्या फ़ज़ीलत है, ऐ 'औरतों में सब से जमीला? 10मेरा महबूब सुर्ख़ — ओ — सफ़ेद है, 11उसका सिर ख़ालिस सोना है, 12उसकी आँखें उन कबूतरों की तरह हैं, 13उसके गाल फूलों के चमन और बलसान की उभरी हुई क्यारियाँ हैं। 14उसके हाथ ज़बरजद से आरास्ता सोने के हल्के हैं। 15उसकी टांगे कुन्दन के पायों पर संग — ए — मरमर के खम्बे हैं। 16उसका मुँह अज़ बस शीरीन है; हाँ, वह सरापा 'इश्क अंगेज़ है।

Osiągnięto dzienny limit

Zmień plan na nowszy, aby kontynuować korzystanie z funkcji AI z wyższymi dziennymi limitami.

Porównaj wszystkie plany →