1यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते—2यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते3जब उनका क्रोध हम पर भड़क उठा था4बाढ़ ने हमें जलमग्न कर दिया होता,5उग्र जल प्रवाह6स्तवन हो याहवेह का,7हम उस पक्षी के समान हैं,8हमारी सहायता याहवेह के नाम से है,
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