Mihej 4
1कि अंत के दिनों 2और जाति के लोग कहेंगे, 3परमेश्वर जनताओं के बीच न्याय करेंगे 4हर एक जन अपनी ही अंगूर की लता 5सब जातियां अपने-अपने 6“उस दिन,” यह याहवेह की घोषणा है, 7मैं लंगड़ों को अपना बचा हुआ भाग, 8जहां तक तुम्हारा सवाल है, हे झुंड की चौकसी के मचान, 9तुम उच्च स्वर में क्यों चिल्ला रही हो, 10हे ज़ियोन की बेटी, जच्चा स्त्री की तरह 11पर अब तो तुम्हारे विरुद्ध में 12पर वे याहवेह के विचारों को 13“हे ज़ियोन की बेटी, उठ और दांवनी कर,