आज का पद
कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा जनित दैनिक प्रतिबिंबई, यदि तुम में से कोई ज्ञान की कमी है, तो परमेश्वर से माँगे, जो सब को उदारता से देता है और किसी को упрек नहीं करता; और उसे दिया जाएगा। ई, यदि तुम में से कोई ज्ञान की कमी है, तो परमेश्वर से माँगे, जो सब को उदारता से देता है और किसी को दोषी नहीं ठहराता; और उसे दिया जाएगा।
**ज्ञान का उपहार** इसमें कुछ विस्मयकारी है — इस बात को पहचानने में कि जिस परमेश्वर ने ब्रह्मांड को शून्य से रचा, वह हमें — छोटे, लड़खड़ाते, अनिश्चित प्राणियों को — केवल ज्ञान माँगने का निमंत्रण देता है, जैसे कोई बालक अपने पिता से रोटी माँगता है। वह इसे अनिच्छा से नहीं देता, केवल वह ही दे जो हम योग्य हैं, बल्कि उसे उस उदार भरपूरता के साथ बहाता है जिसके पास देने के लिए एक अक्षय सागर है। यह भी ध्यान दीजिए कि वह हमें यह नहीं बताता कि हमने कितनी बार उसकी सलाह को अनदेखा किया है — हमारी मूर्खता का कोई खाता-बही नहीं है जो हमारे विरुद्ध रखा जाए, उसकी दृष्टि में कोई निंदा नहीं है, केवल स्वागत है। यह केवल निर्णय लेने के बारे में व्यावहारिक सलाह नहीं है; यह उसी मन के साथ घनिष्ठता का निमंत्रण है जो सभी चीजों को व्यवस्थित करता है। ज्ञान के लिए प्रार्थना करना हमारी आवश्यकता को स्वीकार करना और उसकी प्रचुरता पर विश्वास करना है — और उसी माँगने के कार्य में, हम पहले ही बुद्धिमान बनने लगे हैं।