HCV Psalm Luku 101

Psalm 101

HCV · Vertaa · Audio

1ेरे गीत का विषय है आपका करुणा-प्रेम तथा आपका न्याय; 2निष्कलंक जीवन मेरा लक्ष्य है, 3मैं किसी भी अनुचित वस्तु की 4कुटिल हृदय मुझसे दूर रहेगा; 5जो कोई गुप्‍त में अपने पड़ोसी की निंदा करता है, 6पृथ्वी पर मेरी दृष्टि उन्हीं पर रहेगी जो विश्वासयोग्य हैं, 7किसी भी झूठों का निवास 8प्रति प्रभात मैं अपने राज्य के

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