HCV Proverbs Luku 13

Proverbs 13

HCV · Vertaa · Audio

1मझदार संतान अपने पिता की शिक्षा का पालन करती है, 2मनुष्य अपनी बातों का ही प्रतिफल प्राप्‍त करता है, 3जो कोई अपने मुख पर नियंत्रण रखता है, वह अपने जीवन को सुरक्षित रखता है, 4आलसी मात्र लालसा ही करता रह जाता है. 5धर्मी के लिए झूठ घृणित है, 6जिसका चालचलन निर्दोष होता है, धार्मिकता उसकी सुरक्षा बन जाती है, 7कोई तो धनाढ्य होने का प्रदर्शन करता है, किंतु वस्तुतः वह निर्धन होता है; 8धन किसी व्यक्ति के लिए छुटकारा हो सकता है, 9धर्मी आनन्दायी प्रखर ज्योति समान हैं, 10अहंकार और कुछ नहीं, कलह को ही जन्म देता है, 11बेईमानी का धन शीघ्र ही समाप्‍त भी हो जाता है, 12आशा की वस्तु उपलब्ध न होने पर हृदय खिन्‍न हो जाता है, 13वह, जो शिक्षा को तुच्छ दृष्टि से देखता है, स्वयं अपना विनाश आमंत्रित करता है, 14बुद्धिमान की शिक्षा जीवन का सोता है, 15सौहार्दपूर्ण संबंध सहज सुबुद्धि द्वारा स्थापित किए जाते हैं, 16चतुर व्यक्ति के हर एक कार्य में ज्ञान झलकता है, 17कुटिल संदेशवाहक विपत्ति में जा पड़ता है, 18निर्धनता और लज्जा, उसी के हाथ लगती हैं, जो शिक्षा की उपेक्षा करता है, 19अभिलाषा की पूर्ति प्राणों में मधुरता का संचार करती है, 20वह, जो ज्ञानवान की संगति में रहता है, ज्ञानवान हो जाता है, 21विपत्ति पापियों के पीछे लगी रहती है, 22सज्जन संतान की संतान के लिए धन छोड़ जाता है, 23यह संभव है कि साधारण किसान की भूमि उत्तम उपज लाए, 24जो पिता अपने पुत्र को दंड नहीं देता, उसे अपने पुत्र से प्रेम नहीं है, 25धर्मी को उसकी भूख मिटाने के लिए पर्याप्‍त भोजन रहता है,

Päivittäinen raja saavutettu

Päivitä palvelupakettia jatkaaksesi AI-ominaisuuksien käyttöä korkeammilla päivittäisillä rajoilla.

Vertaa kaikkia tilauksia →