HCV Jeremías Capítulo 49

Jeremías 49

HCV · Comparar · Audio

1म्मोन वंशजों के संबंध में: 2इसलिये यह देखना कि ऐसे दिन आ रहे हैं, 3“हेशबोन, विलाप करो, क्योंकि अय नगर नष्ट हो चुका है! 4तुम अपनी घाटियों के विषय में कितना अहंकार कर रही हो, 5यह देख लेना, मैं तुम पर आतंक लाने पर हूं 6“किंतु तत्पश्चात मैं अम्मोन वंशजों की समृद्धि पुनःस्थापित कर दूंगा,” 7एदोम के विषय में: 8देदान वासियों, पीछे मुड़कर भाग जाओ 9यदि द्राक्षा तोड़नेवाले तुम्हारे निकट आएं, 10किंतु मैंने तो एसाव को विवस्त्र कर दिया है; 11‘अपने पितृहीनों को यहीं छोड़ दो; मैं उन्हें जीवित रखूंगा. 12क्योंकि याहवेह की वाणी यह है: “यह देखना, जिन्हें उस प्याले से पीने का दंड नहीं दिया गया था, निश्चयतः उससे पिएंगे और क्या तुम वह हो, जिसे पूर्णतः सहायकमुक्त छोड़ दिया जाएगा? नहीं तुम्हें सहायकमुक्त नहीं छोड़ा जाएगा, किंतु तुम निश्चयतः उस प्याले में से पियोगे. 13क्योंकि मैंने स्वयं अपनी ही शपथ ली है,” यह याहवेह ही की वाणी है, “कि बोज़राह आतंक का, घृणा का, विध्वंस का तथा शाप का साधन बन जाएगा, इसके सभी नगर स्थायी खंडहर बनकर रह जाएंगे.” 14याहवेह द्वारा प्रगट एक संदेश मैंने सुना है; 15“क्योंकि तब तुम्हें बोध होगा, कि मैंने तुम्हें राष्ट्रों के मध्य लघु बना दिया है, 16तुम, जो चट्टानों के मध्य निवास करते हो, 17“एदोम भय का विषय हो जाएगा; 18सोदोम, अमोराह 19“यह देखना, यरदन की झाड़ियों में से कोई सिंह सदृश निकलकर 20इसलिये अब याहवेह की उस योजना को समझ लो, जो उन्होंने एदोम के प्रति योजित की है, 21उनके पतन की ध्वनि के कारण पृथ्वी कांप उठी है; 22यह देख लेना कि याहवेह ऊंचे उड़कर गरुड़-सदृश झपट्टा मारेंगे, 23दमेशेक के विषय में: 24दमेशेक अब निस्सहाय रह गया है, 25प्रख्यात नगर कैसे परित्यक्त नहीं छोड़ा गया, 26उस नगर के जवान उसकी सड़कों पर पृथ्वी पर गिरे हुए पाए जाएंगे; 27“मैं दमेशेक की शहरपनाहें भस्म कर दूंगा; 28बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र द्वारा पराजय: केदार, तथा हाज़ोर के राज्यों के विषय में याहवेह की वाणी यह है: 29वे अपने शिविर तथा अपनी भेड़-बकरियां अपने साथ ले जाएंगे; 30“भागो दूर चले जाओ! 31“उठकर ऐसे देश पर आक्रमण करो, 32उनके ऊंट लूट सामग्री हो जाएंगे, 33“हाज़ोर सियारों का बसेरा बन जाएगा, 34वह संदेश, जो याहवेह की ओर से भविष्यद्वक्ता येरेमियाह को एलाम के संबंध में यहूदिया के राजा सीदकियाहू के राज्य-काल के प्रारंभ में भेजा गया, यह है: 35सेनाओं के याहवेह की वाणी यह है: 36आकाश की चारों दिशाओं से 37इस रीति से मैं एलाम को उसके शत्रुओं के समक्ष तितर-बितर कर दूंगा, 38तब मैं एलाम में अपना सिंहासन प्रतिष्ठित करूंगा, 39“किंतु होगा यह,

Límite diario alcanzado

Actualiza tu plan para continuar usando funciones de IA con límites diarios más altos.

Comparar todos los planes →